यादों से कहो मुझसे दूर रहा करे

अपनी यादों को कहो मुझसे दूर रहा करे
बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हूँ मैं
कहते हैं कि याद अपनों की ही आती है
परिभाषा अपनों की बदल चूका हूँ मैं
अपनी यादों से कहो मुझसे दूर रहा करे
बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हों मैं

जब भी याद तुम्हारी आती है
अपना सुध खो देता हूँ मैं
पल हो कितना भी ख़ुशी का
क्षण भर को रो देता हूँ मैं
लम्हे जो साथ बिताये थे
यादों का काँटा लाता है
पल भर की जो कभी ख़ुशी थी
किश्तों में तड़पाता है

गर तू नहीं मेरे जीवन में
यादों को क्यों संजोयुं मैं
भूल कर अपनी ख्वाहिसों को
काँटों में खुद को पिरोयूं मैं
हिम्मत आगे बढ़ने की
ओ मेरे इश मुझे दे दे
रिश्ता बस एक तुझसे हो
झूठे रिश्तों से मुक्ति दे दे


-Chandan Kumar Gupta


No comments:

Post a Comment